भराड़ी बस हादसे का एक घायल पीजीआई रेफर

नौहराधार (सिरमौर)। शुक्रवार को उप तहसील नौहराधार के भराड़ी क्षेत्र में हुए बस हादसे में घायल 11 लोग अब खतरे से बाहर हैं। रविवार तड़के कोमा के चलते शिमला में उपचाराधीन राजेश कुमार को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। होश नहीं आने पर डाक्टरों ने उसे आपातकालीन स्थिति में रविवार को पीजीआई रेफर किया है।
इससे पूर्व रविवार को सीपीएस विनय कुमार ने बताया कि सोलन तथा शिमला में उपचाराधीन सभी 11 घायल खतरे से बाहर हैं। इन सभी का बेहतरीन इलाज किया जा रहा है। एसडीएम संगड़ाह हरबंस नेगी ने बताया कि शिमला में उपचाराधीन राजेश (22) को पहले ही पांच हजार रुपये की फौरी राहत राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि राजेश के पिता मेला राम को नायब तहसीलदार नौहराधार देवेंद्र गोगटा के माध्यम से 10 हजार रुपयों की और अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की गई है।

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पुन्नरधार सड़क पर पैदल चलने लगे लोग
नौहराधार (सिरमौर)। भराड़ी बस हादसे से पूरा क्षेत्र सदमे में है। लोगों के मन में खौफ पत्थर बनकर जम गया है। बस में बैठने का नाम लेते ही यहां के लोगों की रौंगटे खड़े होने लगते हैं। हालत ये हो गए हैं कि पिछले शुक्रवार से लेकर सोमवार सुबह तक दर्जनों लोग पुन्नरधार से नौहराधार का रास्ता पैदल तय कर रहे हैं। अभिभावकों ने भी अपने बच्चों को बसों में बैठने से साफ मना कर दिया है। विशेषकर निजी बसों का नाम आते ही क्षेत्र के लोगों की रूह कांप रही है। इक्का दुक्का लोग ही पुन्नरधार-नौहराधार रूट पर बसों में बैठ रहे हैं।
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मातम की काली छाया से नहीं उभरा भराड़ी गांव
नौहराधार (सिरमौर)। सोमवार को भी भराड़ी गांव में मातम पसरा रहा। दो जून का निवाला लोगों की हलक से नीचे नहीं उतर रहा है। मवेशियों की हालत भी पतली है। पीड़ित परिवारों में मवेशियों की पूछताछ करने वाला भी कोई नहीं है। पड़ोसी पीड़ितों की मदद कर रहे हैं। भराड़ी पंचायत प्रधान मोहनलाल, पूर्व प्रधान चेतराम वर्मा, कमल राज वर्मा, सुरेंद्र सिंह व कुलदीप आदि का कहना है कि लंबी पीढ़ी तक भराड़ी गांव मातम की इस काली छाया से शायद ही उभर पाएगा।

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